[M] मिटटी, मेरे हर घर की #AtoZChallenge

मेरे इस नये घर की बगिया
धीरे-धीरे अपने अन्दर समेट रही है
मेरे हर पीछे छूटे हुए घर की खुशियों और यादों को
हर बार जब गमलों की मिट्टी खंगाली जाती है
तो कुछ मिली जुली मिट्टी हर गमले के हिस्से में आती है

कुछ मिट्टी मेरे प्रिय देहरादून की
कुछ शांत स्वर पहाड़ों के
कुछ सुरीले गीत वादियों के
कुछ उन्मुक्त हँसी मेरे बच्चों के बचपन की
कुछ अवसाद युक्त व्यथा उस समय के एकाकीपन की

कुछ मिट्टी रंगीले जयपुर की
कुछ गुलाब के फूल सी रूमानियत गुलाबी शहर की
कुछ सिहरन पैदा करता रोमांच रेगिस्तान का
कुछ खिलखिलाहटें मेरे बच्चों और उनके सखाओं की
कुछ गौरव प्रेम और निष्ठा से संवरे हुए खूबसूरत घर का

मेरे इस नये घर की बगिया की ये मिली जुली मिट्टी
धीरे-धीरे बिखेर रही है
मेरे घर में बहने वाली बयार में
मेरे हर पीछे छूठे हुए घर की
मिली जुली खुशी, मिला जुला अनुभव और मिला जुला सफ़र

© April 2018 Sapna Dhyani

Author: Sapna Dhyani

I am Sapna Dhyani. I write about everything that crosses my mind. I write about life as I see it and like to infuse humour into my blogs. I belong to Dehradun but now live in a new city after every two years, being an army wife. This uprooting of base every couple of years, setting up a new home in a new place, meeting new people and forging new friendships, exploring new cities; all this ensures that I go through and am blessed with a myriad of experiences.

4 thoughts on “[M] मिटटी, मेरे हर घर की #AtoZChallenge”

  1. Wow! You write in Hindi as well. Loved this expression, Sapna.
    And you are from Jaipur!! Someone stays here? I am at Jaipur too. Hope to connect with you when you are next in our gulabi shahar 🙂

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  2. Thank you Shilpa! I was in your gulabi shahar, Jaipur for two years ( April 2014 to April 2016) as my husband was posted there. I badly want to see my old house in Jaipur someday. Whenever I manage to do that, would be great to connect. 🙂

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  3. सपना जी, हमारे हर आशियाने की कुछ न कुछ खट्टी मिठ्ठी यादे रहती है हैं। उन यादों को बहुत ही खूबसूरती से व्यक्त किया हैं आपने। बहुत सुंदर।

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  4. धन्यवाद ज्योति जी ! हम जैसे लोग – जिन्हें हर दो सालों में शहर बदलना पड़ता है, हमें इन बदलावों में सकारात्मकता ढूँढनी पड़ती है |

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