मेरे हिस्से का जादूई आकाश

 

 

jadui akash

 

मेरे हिस्से का आकाश जादूई होगा

जब दुख से किसी बच्चे की आँखें भर आयेंगी
तो सूरज अपनी किरनों को उसके सिर पर फेरकर
प्यार और दुलार से उसके आंसू पोंछ देगा

जब यह दुनिया किसी बच्चे का निश्चछल विश्वास रोंदेगी
तो खूबसूरत इन्द्रधनुश अपनी भव्य छटा बिखेरकर
उसके प्राकृतिक, बाल सुलभ विश्वास को संजोयेगा

जब कोई मासूम अकेला, घबराया हुआ होगा
तो असंख्य तारे टिम्म टिम्म करते, जलते बुझते
उसके सखा बन उसके संग आँख मिचौली खेलेंगे

जब किसी की मैली दृष्टि किसी अबोध पर पड़ेगी
तो श्वेत, स्वच्छ बादल उसका अभेध्य कवच बन
उसकी रक्षा करेंगे , उसे सहेजेंगे

मेरे हिस्से का यह जादूई आकाश हर बच्चे के लिये है
हे जादूई आकाश, इन चमकती आँखों में निश्छलता बनी रहे
हर बचपन मुस्कुराता, खिलखिलाता और जादूई हो

© Sapna Dhyani Devrani 20th July 2017

Advertisements

Author: Sapna Dhyani

I am Sapna Dhyani. A Pocketful Of Dreams is my personal blog and I write about everything that crosses my mind. I write about life as I see it and like to infuse humour into my blogs. I belong to Dehradun but now live in a new city after every two years, being an army wife. This uprooting of base every couple of years, setting up a new home in a new place, meeting new people and forging new friendships, exploring new cities; all this ensures that I go through and am blessed with a myriad of experiences.

4 thoughts on “मेरे हिस्से का जादूई आकाश”

  1. काश कि मेरे पास कोई दैवी शक्ति होती और मै कह पाती एक ही शब्द— ” तथास्तु ”. बहुत दिनों बाद तुम्हें पढ़ कर अच्छा लगा सपना ! क्या हम सचमुच एक ही तरह सोचते हैं !

    Liked by 1 person

    1. Dear Maám, thank you so very much for the blessings. And I think it is an honour for me if you find some kind of similarity in our thought processes.

      Like

Leave a Reply

Fill in your details below or click an icon to log in:

WordPress.com Logo

You are commenting using your WordPress.com account. Log Out / Change )

Twitter picture

You are commenting using your Twitter account. Log Out / Change )

Facebook photo

You are commenting using your Facebook account. Log Out / Change )

Google+ photo

You are commenting using your Google+ account. Log Out / Change )

Connecting to %s