मेरे हिस्से का जादूई आकाश

 

 

jadui akash

 

मेरे हिस्से का आकाश जादूई होगा

जब दुख से किसी बच्चे की आँखें भर आयेंगी
तो सूरज अपनी किरनों को उसके सिर पर फेरकर
प्यार और दुलार से उसके आंसू पोंछ देगा

जब यह दुनिया किसी बच्चे का निश्चछल विश्वास रोंदेगी
तो खूबसूरत इन्द्रधनुश अपनी भव्य छटा बिखेरकर
उसके प्राकृतिक, बाल सुलभ विश्वास को संजोयेगा

जब कोई मासूम अकेला, घबराया हुआ होगा
तो असंख्य तारे टिम्म टिम्म करते, जलते बुझते
उसके सखा बन उसके संग आँख मिचौली खेलेंगे

जब किसी की मैली दृष्टि किसी अबोध पर पड़ेगी
तो श्वेत, स्वच्छ बादल उसका अभेध्य कवच बन
उसकी रक्षा करेंगे , उसे सहेजेंगे

मेरे हिस्से का यह जादूई आकाश हर बच्चे के लिये है
हे जादूई आकाश, इन चमकती आँखों में निश्छलता बनी रहे
हर बचपन मुस्कुराता, खिलखिलाता और जादूई हो

© Sapna Dhyani Devrani 20th July 2017